मुंबई: लगातार कई कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की मुनाफावसूली और आईटी सेक्टर में तेज बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार में दबाव के बावजूद व्यापक भागीदारी सकारात्मक बनी रही और कई शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट
सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 73.87 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,081.75 अंक पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 15.80 अंक यानी 0.07 प्रतिशत फिसलकर 24,069.90 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में गिरावट सीमित रही, लेकिन निवेशकों का रुझान सतर्क नजर आया।
आईटी शेयरों में बिकवाली बनी बड़ी वजह
गुरुवार के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। देश की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली दर्ज की गई। इन्फोसिस का शेयर दो प्रतिशत से अधिक टूट गया, जबकि एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा और विप्रो के शेयर भी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। विश्लेषकों के अनुसार ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के असर से आईटी शेयर दबाव में रहे।
हीटमैप में दिखा आईटी सेक्टर का असर
बाजार के प्रदर्शन को दर्शाने वाले हीटमैप में भी आईटी कंपनियों की कमजोरी साफ दिखाई दी। इन्फोसिस में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि एचसीएल टेक, टीसीएस और टेक महिंद्रा भी नुकसान में रहे। इन शेयरों में आई कमजोरी ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव बढ़ाया।
गिरावट के बीच इन शेयरों ने दिखाई मजबूती
बाजार में बिकवाली के माहौल के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयरों ने मजबूत प्रदर्शन किया। टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट बढ़त के साथ प्रमुख लाभार्थियों में शामिल रही। इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। अडाणी पोर्ट्स, एलएंडटी, इंडिगो और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते रहे और बाजार को ज्यादा नीचे जाने से रोकने में सहारा बने।
मार्केट ब्रेड्थ रही सकारात्मक
हालांकि प्रमुख सूचकांक गिरावट में रहे, लेकिन बाजार की व्यापक तस्वीर अपेक्षाकृत मजबूत नजर आई। कारोबार के दौरान 1,621 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 661 शेयर गिरावट में रहे। वहीं 144 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इससे संकेत मिलता है कि चुनिंदा क्षेत्रों में निवेशकों की खरीदारी अब भी बनी हुई है।
